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नवंबर-दिसंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए 65 हजार 340 मतदान केंद्र तो तय कर दिए गए हैं, लेकिन 16 हजार 360 में बिजली की व्यवस्था ही नहीं है। 27 फीसद मतदान केंद्रों में वेटिंग रूम और शेड नहीं हैं।
इन सुविधाओं को जल्द से जल्द मुहैया कराने के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने सभी विभागों को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि आयोग के साथ हुई बैठक में जो बिन्दु सामने आए थे, उन पर तेजी से कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, पिछले चुनाव की तुलना में इस बार 11,394 मतदान केंद्र बढ़ाए गए हैं। एक मतदान केंद्र में औसत मतदाताओं की संख्या 866 से घटकर 757 हो गई है। रेम्प, पेयजल और प्रसाधन सुविधा बेहतर स्थिति में है, लेकिन बिजली और वेटिंग रूम की कमी है।
इसको लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत ने मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह के साथ हुई बैठक में यह मुद्दा उठाया था। अब मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव ने सभी विभागों को पत्र लिखकर मतदान केंद्रों में सुविधाएं बढ़ाने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
बताया जा रहा है कि अधिकांश उन मतदान केंद्रों में बिजली नहीं है, वो प्राथमिक स्कूलों में बने हैं। यहां अस्थाई कनेक्शन देकर व्यवस्था बनाने के लिए कहा गया है।
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