Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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Mohan Yadav की अध्यक्षता में हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में किसानों और व्यापारियों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने दलहनों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए ₹2442 करोड़ के प्रावधान को मंजूरी दी, जिससे प्रदेश के किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। बैठक के बाद मंत्री Chetan Kashyap ने बताया कि यह निर्णय कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। कैबिनेट ने राज्य में व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन को भी मंजूरी दी। राष्ट्रीय मॉडल की तर्ज पर बनने वाले इस बोर्ड के अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होंगे और इसमें 8 विभागों के साथ अशासकीय सदस्य भी शामिल होंगे। इसके अलावा जिला स्तर पर भी समितियां बनाई जाएंगी, ताकि व्यापार और निर्यात को बढ़ावा दिया जा सके। Bhopal के पास इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित करने का फैसला भी लिया गया है। बैठक में ₹38,555 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी देते हुए लोक निर्माण विभाग की सड़कों और पुलों के संधारण, ग्रामीण सड़कों के निर्माण व उन्नयन और सड़क सुरक्षा योजनाओं को जारी रखने का निर्णय लिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत ‘वात्सल्य’ योजना और आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण को भी मंजूरी मिली। साथ ही Indore में 9 से 13 जून तक अंतरराष्ट्रीय ब्रिक्स सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें 26 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
बलूचिस्तान में अलगाववादी संगठन Baloch Liberation Army (BLA) ने 15 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच 27 हमले करने का दावा किया है। संगठन के प्रवक्ता जीयांद बलूच के अनुसार, इन हमलों में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), घात लगाकर हमले और ड्रोन स्ट्राइक शामिल हैं। BLA का कहना है कि इन हमलों में Pakistan Army के 42 जवान मारे गए और कई घायल हुए, जबकि एक सैनिक को बंधक भी बनाया गया है। BLA ने दावा किया है कि उसने कई जगहों पर पाकिस्तानी सेना की चौकियों और सैन्य ठिकानों पर अस्थायी कब्जा किया और वहां से हथियार भी जब्त किए। खारान, कोहलू, हरनाई और क्वेटा जैसे इलाकों में हमले किए गए, जहां सुरक्षा बलों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। संगठन के मुताबिक, कुछ इलाकों में हमलों के बाद पाकिस्तानी सैनिकों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा, जिससे उनकी स्थिति कमजोर नजर आई। इन हमलों के दौरान BLA के भी तीन लड़ाके मारे जाने की पुष्टि हुई है। संगठन ने सोहंदा और अन्य क्षेत्रों में रिमोट कंट्रोल IED और घात लगाकर हमलों की जानकारी दी है। वहीं, क्वेटा में ‘ईगल स्क्वाड’ पुलिस यूनिट पर हमले में दो जवान घायल हुए। हालांकि, इन सभी दावों पर अभी तक Pakistan Armed Forces की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है।
Patrakar sneha singh
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Madhya Pradesh Public Service Commission की राज्य सेवा मेंस परीक्षा 2025 फिलहाल कानूनी पेंच में फंस गई है। जून 2025 में प्रस्तावित यह परीक्षा अब मई 2026 तक भी आयोजित नहीं हो सकी है, जिससे हजारों अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है। करीब 158 पदों पर होने वाली इस भर्ती का अगला चरण पूरी तरह Jabalpur High Court में लंबित मामले के फैसले पर निर्भर है। विवाद परीक्षा नियम 2015 से जुड़ा है, जिसमें यह प्रावधान है कि आरक्षण का लाभ लेने वाले अभ्यर्थी, अधिक अंक लाने के बावजूद सामान्य वर्ग में शामिल नहीं हो सकते। इसी नियम को चुनौती देते हुए कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इस कारण परीक्षा प्रक्रिया पर रोक जैसी स्थिति बन गई है और मुख्य परीक्षा की तारीख तय नहीं हो पा रही है। गौरतलब है कि मार्च 2025 में प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित हो चुका है, जिसमें करीब 4700 उम्मीदवार मेंस के लिए चयनित हुए थे। आयोग का कहना है कि वह कोर्ट में अपना पक्ष रख रहा है और अंतिम निर्णय के बाद ही नई परीक्षा तिथि घोषित की जाएगी। फिलहाल सभी अभ्यर्थियों की नजर अदालत के फैसले पर टिकी है, क्योंकि इसी के बाद परीक्षा की राह साफ हो सकेगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Jyotiraditya Scindia के ग्वालियर रेलवे स्टेशन आगमन के दौरान हुए भव्य स्वागत कार्यक्रम में भारी भीड़ के कारण अफरातफरी मच गई। इस दौरान धक्का-मुक्की के बीच एक मासूम बच्ची भीड़ में गिरकर दब गई। घटना के वक्त स्टेशन पर मौजूद पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था भी भीड़ को नियंत्रित करने में नाकाम रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही केंद्रीय मंत्री स्टेशन पहुंचे, स्वागत के लिए जुटे कार्यकर्ताओं की भीड़ बेकाबू हो गई। इसी दौरान बच्ची जमीन पर गिर गई और लोगों के पैरों के नीचे आ गई। वह दर्द से चीखती रही, लेकिन भीड़ के शोर और अफरातफरी में उसकी आवाज दब गई। बच्ची के पिता ने किसी तरह उसे सुरक्षित बाहर निकाला। पिता ने आरोप लगाया कि घटना के समय न तो रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और न ही स्थानीय पुलिस ने समय पर मदद की। वहीं कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि बच्ची को कुचला नहीं गया, बल्कि भीड़ के दबाव में धक्का लग गया था। इस घटना के बाद भी स्वागत कार्यक्रम जारी रहा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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Mohan Yadav के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में संगठन और सत्ता के बीच संतुलन बनाने की कवायद तेज हो गई है। लंबे समय से उपेक्षित महसूस कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं को अब विभिन्न सरकारी समितियों में जगह देने की तैयारी है। इसी क्रम में जिला स्तर पर बनने वाली 25 से अधिक समितियों के लिए विधायकों से नामों की सूची मांगी गई है। माना जा रहा है कि इसी महीने इन नियुक्तियों की घोषणा हो सकती है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष Hemant Khandelwal के निर्देश पर जिला इकाइयों ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। नगर स्तर पर भी नेताओं और कोर कमेटी से कार्यकर्ताओं के नाम मांगे जा रहे हैं। इन समितियों में आरटीओ, उद्यानिकी, शिक्षा, पुलिस शिकायत बोर्ड, जिला योजना समिति, खनिज निधि समिति और सिटी फॉरेस्ट जैसी कई अहम इकाइयां शामिल हैं, जिनमें अशासकीय सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अब संगठन में नियुक्तियां काफी हद तक विधायकों की पसंद पर निर्भर हो गई हैं। ऐसे में उनके समर्थकों को प्राथमिकता मिलने की संभावना है, जबकि निष्पक्ष और समर्पित कार्यकर्ताओं को पीछे छूटने का डर भी बना हुआ है। इसके अलावा नगर निगम में एल्डरमैन की नियुक्ति को लेकर भी खींचतान जारी है, जहां विधायक, सांसद और महापौर—सभी अपने-अपने समर्थकों को जगह दिलाने की कोशिश में हैं।
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Himanta Biswa Sarma ने आगामी चुनावों को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि इस बार असम में “सेंचुरी” और पश्चिम बंगाल में “डबल सेंचुरी” हासिल की जाएगी। उन्होंने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दावा किया कि पहले चरण में ही भाजपा को मजबूत बढ़त मिल चुकी है और राज्य में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। इसी बीच पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टीAll India Trinamool Congress (TMC) ने भी अपने दावे पेश किए हैं। पार्टी नेता कुणाल घोष ने कहा कि पहले चरण की 152 सीटों में से 125 से 135 सीटें जीतने का भरोसा है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में सरकार फिर से बनेगी। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। इस बीच चुनाव आयोग ने भी सख्त कदम उठाते हुए पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें एएसपी और एसडीपीओ स्तर के अधिकारी शामिल हैं। आयोग ने यह कार्रवाई चुनाव प्रक्रिया में लापरवाही और निष्पक्षता बनाए रखने में विफलता के आरोपों के चलते की है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है। वहीं हिमंत सरमा के कुछ बयानों पर राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया है, जिसमें उन्होंने सांस्कृतिक और धार्मिक मुद्दों को लेकर विपक्ष पर तीखी टिप्पणी की। चुनावी माहौल में बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप और कड़े बयानों ने असम और बंगाल दोनों राज्यों में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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Indore में नशे के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक युवक को सुलभ शौचालय में ब्राउन शुगर का सेवन करते रंगे हाथ पकड़ लिया। मोहल्ला मीटिंग में मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने निगरानी शुरू की थी। संदिग्ध गतिविधि के चलते युवक का पीछा किया गया, जहां वह शौचालय में जाकर नशा करता मिला। पुलिसकर्मी ने दीवार के ऊपर से उसका वीडियो बनाकर सबूत जुटाया और बाहर निकलते ही उसे गिरफ्तार कर लिया। टीआई सुशील पटेल के मुताबिक, आरोपी लोकेश बाथम नंदानगर का निवासी है। स्थानीय लोगों ने शिकायत की थी कि ESIC Hospital area के पीछे कुछ लोग खुलेआम नशा करते हैं और विरोध करने पर पत्थरबाजी भी करते हैं। इसी सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक कॉम्प्लेक्स के पास स्थित सुलभ शौचालय में छापा मारकर युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने नशा सप्लाई करने वाले का खुलासा किया, जिसके आधार पर कारसदेव नगर निवासी पवन ठाकुर को भी गिरफ्तार किया गया। उसके पास से करीब 7.5 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य बड़े तस्करों की तलाश में जुट गई है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Madhya Pradesh Board of Secondary Education (MP बोर्ड) की एक गंभीर गलती सामने आई है, जिसमें रेगुलर पढ़ाई करने वाले छात्रों को प्राइवेट श्रेणी की मार्कशीट जारी कर दी गई। इस गड़बड़ी से हजारों छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं और स्कूल संचालकों ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताया है। जानकारी के अनुसार 10वीं और 12वीं के करीब 15 हजार छात्रों को, जिन्होंने नियमित रूप से स्कूल में पढ़ाई की थी, उन्हें प्राइवेट कैटेगरी में दर्ज कर दिया गया। आरोप है कि बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों की गलती के कारण यह गलत परिणाम जारी हुआ, जिससे छात्रों की शैक्षणिक स्थिति और आगे की पढ़ाई पर असर पड़ सकता है। मामला तब और गंभीर हो गया जब सामने आया कि हाईकोर्ट के आदेश और अस्थायी मान्यता मिलने के बावजूद कई स्कूलों के छात्रों को प्राइवेट श्रेणी में दिखाया गया। इससे पहले भूमि दस्तावेजों की कमी के कारण करीब 350 स्कूलों की मान्यता रद्द की गई थी, जिससे स्थिति और जटिल हो गई। बोर्ड सचिव ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि जल्द ही सुधारात्मक निर्णय लिया जाएगा। वहीं स्कूल संचालकों का कहना है कि यह सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है और इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था और रिजल्ट प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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