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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अनुकंपा नियुक्ति पर फैसला, बड़े बच्चे को प्राथमिकता
Chhattisgarh High Court

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मामले में 17 अगस्त को महत्वपूर्ण फैसला दिया है। अदालत ने कहा कि कर्मचारी की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति के मामले में भाई-बहनों में बड़े बच्चे को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। फैसले में यह भी स्पष्ट किया गया कि पात्रता का परीक्षण करते समय केवल इस आधार पर किसी बच्चे को बाहर नहीं किया जा सकता कि वह दूसरी पत्नी की संतान है। इससे ऐसे पारिवारिक मामलों में नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

अदालत के सामने ऐसे मामलों में परिवार के भीतर पात्रता को लेकर विवाद का सवाल था। अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके परिवार को आर्थिक संकट से राहत देना होता है। अदालत ने नियुक्ति प्रक्रिया में परिवार के पात्र सदस्य की स्थिति को कानून और लागू नियमों के आधार पर देखने की बात कही। फैसले का असर ऐसे लंबित मामलों पर पड़ सकता है जिनमें भाई-बहनों के बीच नियुक्ति को लेकर विवाद चल रहा है।

फैसले के बाद सरकारी विभागों के सामने भी अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में पात्रता तय करने के लिए अधिक स्पष्ट आधार रहेगा। हालांकि प्रत्येक मामले में संबंधित नियम और तथ्य अलग हो सकते हैं। इसलिए इस फैसले को सभी मामलों में स्वतः लागू करने के बजाय संबंधित परिस्थितियों के आधार पर देखा जाएगा। हाईकोर्ट का यह निर्णय छत्तीसगढ़ में अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े विवादों के लिए महत्वपूर्ण न्यायिक मार्गदर्शन माना जा रहा है।

Priyanshi Chaturvedi 17 August 2026

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