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उत्तर प्रदेश के सरकारी और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से 13 अगस्त 2026 को 'शिक्षा सुधार अभियान' का नया चरण शुरू किया गया। माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब सभी स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं और समृद्ध पुस्तकालय विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही शिक्षकों के कौशल विकास के लिए भी विशेष ऑनलाइन प्रशिक्षण मॉड्यूल शुरू किए गए हैं।
अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों के सीखने की क्षमता का नियमित मूल्यांकन करने के लिए एक नया ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जा रहा है। स्कूलों में छात्रों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने और ड्रॉपआउट दर को कम करने के लिए अभिभावक-शिक्षक बैठकों को अनिवार्य बना दिया गया है। इसके अलावा खेलकूद और सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
शिक्षाविदों का मानना है कि बुनियादी ढांचे में इस प्रकार के सुधार से सरकारी स्कूलों के प्रति आम जनता का विश्वास बढ़ेगा। इस पहल से दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा प्राप्त हो सकेगी। राज्य सरकार ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इन सुधारों का कड़ाई से अनुपालन कराएं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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