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मध्य प्रदेश विधानसभा के जारी सत्र के दौरान 13 अगस्त 2026 को राज्य सरकार ने जनहित और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ा एक नया विधेयक सदन के पटल पर रखा। सरकार का दावा है कि इस नए कानून के लागू होने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलेगी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आएगी। हालांकि, विधेयक पेश होते ही विपक्षी सदस्यों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और इसे नियमों के विपरीत बताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
विपक्ष का आरोप है कि इस विधेयक के कुछ प्रावधानों से स्थानीय निकायों और आम जनता के अधिकारों का हनन हो सकता है, इसलिए इसे विस्तृत विचार-विमर्श के लिए प्रवर समिति के पास भेजा जाना चाहिए। दूसरी तरफ, सत्ता पक्ष के प्रवक्ताओं ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विधेयक पूरी तरह से पारदर्शी है और इसका उद्देश्य केवल लालफीताशाही को खत्म करना है। सदन में दोनों पक्षों के बीच जोरदार बहस के बाद अध्यक्ष ने कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए दोनों दल इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपना रहे हैं। राज्य सरकार इस विधेयक को चालू सत्र में ही पारित कराने की रणनीति पर काम कर रही है, जबकि विपक्ष इसे सड़क से लेकर सदन तक बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर इस मुद्दे पर क्या रुख रहता है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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