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मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान 12 अगस्त 2026 को भारी राजनीतिक गहमागहमी देखने को मिली। सत्र की शुरुआत होते ही विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य में किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता, न्यूनतम समर्थन मूल्य और ओलावृष्टि के मुआवजे के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव पेश कर तत्काल चर्चा की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इस विषय पर अन्य शासकीय कार्यों के बाद चर्चा कराने का आश्वासन देने पर विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी।
विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी करते हुए वेल में प्रवेश किया और सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी करने का सीधा आरोप लगाया। दूसरी ओर, सत्तापक्ष के मंत्रियों ने पलटवार करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों को पर्याप्त सब्सिडी और गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध करा रही है और विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए सदन की कार्यवाही में बाधा डाल रहा है। लगातार बढ़ते शोर-शराबे और अव्यवस्था को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया।
सदन स्थगित होने के बाद विपक्षी नेताओं ने विधानसभा परिसर में गांधी प्रतिमा के समक्ष धरना दिया और सरकार विरोधी नारे लगाए। वहीं संसदीय कार्य मंत्री ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि सरकार जनहित के सभी विषयों और विधेयकों पर नियम नियमानुसार चर्चा कराने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से भागकर केवल हंगामा खड़ा करना चाहता है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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