Advertisement
छत्तीसगढ़ की राजनीति में धान खरीदी और किसानों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। 11 अगस्त 2026 को रायपुर में आयोजित अलग-अलग पत्रकार वार्ताओं के दौरान भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने एक-दूसरे की किसान नीतियों पर जमकर निशाना साधा। विपक्षी दल ने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था से राज्य के किसानों को समय पर भुगतान और समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
इसके जवाब में राज्य सरकार के प्रवक्ता और सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह से खारिज और तथ्यहीन करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और पारदर्शी प्रणाली के माध्यम से धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि किसानों को उनके अनाज का उचित मूल्य और बोनस बिना किसी देरी के सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जा रहा है।
दोनों प्रमुख दलों के बीच चल रही इस राजनीतिक बयानबाजी ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। कृषि प्रधान राज्य होने के नाते छत्तीसगढ़ में धान का मुद्दा हमेशा से चुनाव और राजनीति के केंद्र में रहा है। किसान संगठनों ने सरकार से मांग की है कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से परे हटकर उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाए।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |