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भोपाल में जमीन अधिग्रहण की समस्या से प्रभावित विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए प्रशासन 50-50 लैंड पूलिंग मॉडल लागू करने की तैयारी कर रहा है। इस योजना के तहत परियोजना के लिए जमीन देने वाले भू-स्वामियों को उनकी आधी जमीन विकसित करके वापस दी जाएगी, जिससे वे उसे बेचकर या व्यावसायिक उपयोग में लाकर आय अर्जित कर सकेंगे। यदि यह मॉडल सफल रहा तो पारंपरिक मुआवजा और टीडीआर (ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स) व्यवस्था के साथ यह जमीन अधिग्रहण का नया विकल्प बन सकता है।
प्रशासन का मानना है कि इस मॉडल से आशिमा ब्रिज, फंदा, सूखी सेवनियां ब्रिज, पश्चिमी बायपास और मेट्रो जैसी परियोजनाओं में जमीन अधिग्रहण की बाधाएं कम हो सकती हैं। योजना के तहत परियोजना के आसपास की भूमि का विकास निर्माण एजेंसी करेगी, जहां आवासीय और व्यावसायिक उपयोग की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रशासन ने कहा है कि लैंड पूलिंग और टीडीआर जैसे विकल्पों पर विशेषज्ञ टीम काम कर रही है, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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