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मध्य प्रदेश में फिलहाल मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है और अगले दो दिनों तक प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय बारिश का सिस्टम कमजोर पड़ने से अधिकांश जिलों में केवल हल्की बारिश या बादल छाए रहने की स्थिति रहेगी। राज्य में अब तक औसतन 15.9 इंच वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 16 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में लगभग 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 11 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है, जिससे खरीफ फसलों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 5 अगस्त से बंगाल की खाड़ी में बनने वाली नई मौसमी प्रणाली के प्रभाव से प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय होगा और कई जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों की वर्षा खेती, जलाशयों और भूजल स्तर के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी। वहीं, जिन जिलों में हाल में अधिक बारिश हुई है, वहां जलभराव से फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने किसानों को स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार खेतों का प्रबंधन करने और 5 अगस्त के बाद संभावित तेज बारिश को देखते हुए आवश्यक तैयारियां करने की सलाह दी है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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