परीक्षा सुधार टास्क फोर्स पर कांग्रेस का सवाल, राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों का उठाया मुद्दा
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने परीक्षा सुधारों के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित नई हाई-पावर्ड टास्क फोर्स पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्ष 2024 में गठित डॉ. के. राधाकृष्णन समिति की 101 सिफारिशें अब तक पूरी तरह लागू नहीं की गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET-UG समेत कई परीक्षाओं में गड़बड़ियों के बाद सरकार ने नई समिति बनाकर केवल अपनी छवि सुधारने की कोशिश की है। जयराम रमेश ने यह भी दावा किया कि 2024 से 2026 के बीच लगभग दो वर्षों तक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में डायरेक्टर जनरल का पद खाली रहा।
वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के अनुरूप नई हाई-पावर्ड टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और तकनीक-आधारित बनाने के लिए काम करेगी। नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाली इस बहु-विषयक समिति में पूर्व ISRO प्रमुख एस. सोमनाथ, पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका, IIT मद्रास के निदेशक वी. कामाकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा समेत कई विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं।