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छतरपुर जिले के गौरिहार क्षेत्र में केल नदी पर 10.59 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा नया पुल तय समय सीमा खत्म होने के आठ महीने बाद भी अधूरा है। वर्ष 2023 में शुरू हुए इस 175 मीटर लंबे पुल का निर्माण अक्टूबर 2025 तक पूरा होना था, लेकिन अब भी करीब 25 प्रतिशत काम बाकी है। इस बीच बारिश शुरू होते ही निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया। दूसरी ओर, आवागमन के लिए बनाया गया अस्थायी डायवर्जन पहली ही बारिश में बह गया, जिससे प्रशासनिक तैयारियों और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
वर्ष 2020 की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुआ पुराना पुल आज भी लोगों की मजबूरी बना हुआ है। प्रशासन ने जर्जर पुल पर मिट्टी डालकर आवागमन बहाल करने की कोशिश की है, लेकिन हल्की बारिश में भी यहां हादसे का खतरा बना रहता है। बलरामपुर, सिचहरी, खेराकासार, जरेहटा, सरवई, खड्डी, पहरा और मटीध सहित आसपास के गांवों के हजारों ग्रामीणों को अब रोजाना 10 से 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने पुल निर्माण जल्द पूरा कराने और सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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