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मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की 2024-25 की रिपोर्ट में राज्य की बढ़ती कर्ज निर्भरता पर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने वर्ष 2024-25 में लिए गए कुल उधार का 29.43% हिस्सा पुराने कर्ज और ब्याज के भुगतान में खर्च किया। पिछले 10 वर्षों में यह औसत 29.30% रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उधार की बड़ी राशि ऋण चुकाने में जाने से पूंजीगत निवेश और विकास कार्यों के लिए उपलब्ध संसाधन सीमित हो रहे हैं। राज्य का आंतरिक ऋण 2015-16 के 83,718 करोड़ रुपये से बढ़कर 3.33 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जबकि केवल 2024-25 में ब्याज भुगतान पर 21,466 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
कैग ने आगाह किया है कि पिछले तीन वर्षों में राज्य का कर्ज अर्थव्यवस्था की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ा है। यदि आर्थिक विकास की रफ्तार नहीं बढ़ी और उधारी पर निर्भरता कम नहीं हुई, तो भविष्य में ऋण की स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2024-25 में कुल उधारी का लगभग 70% हिस्सा ही विकास योजनाओं और पूंजीगत व्यय के लिए उपलब्ध रहा। साथ ही, प्राथमिक घाटा लगातार बना हुआ है, जिससे संकेत मिलता है कि राज्य ब्याज भुगतान के लिए भी उधार लेने को मजबूर है। कैग ने वित्तीय स्थिरता के लिए प्राथमिक घाटा कम करने, उधारी प्रबंधन मजबूत करने और मध्यम अवधि की विकास रणनीति अपनाने की जरूरत बताई है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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