सिंधिया परिवार के संपत्ति विवाद में नया मोड़, बड़ी बुआ की बेटी ने बंटवारे पर जताई आपत्ति
ग्वालियर के सिंधिया राजपरिवार के लंबे समय से चल रहे संपत्ति विवाद में नया मोड़ आ गया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी तीन बुआओं—वसुंधरा राजे, उषा राजे और यशोधरा राजे—के बीच संपत्ति बंटवारे को लेकर हुए समझौते पर अब बड़ी बुआ पद्मावती राजे की बेटी प्रतिमा देवी ने आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि उन्हें और उनकी बहन को समझौते में शामिल नहीं किया गया, जबकि उन्हें भी संपत्ति में वैधानिक अधिकार मिलना चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी। अदालत ने बंटवारे से जुड़े रिकॉर्ड और सिंधिया परिवार की संपत्तियों का विवरण रखने वाले कॉवेनेंट की प्रति भी तलब की है।
यह संपत्ति विवाद राजमाता विजयाराजे सिंधिया के समय से चला आ रहा है। वर्ष 2010 में ज्योतिरादित्य सिंधिया की बुआओं ने पैतृक संपत्ति में बराबर हिस्सेदारी की मांग करते हुए सिविल वाद दायर किया था। समझौते के अनुसार जय विलास पैलेस समेत ग्वालियर और शिवपुरी की कई प्रमुख संपत्तियां ज्योतिरादित्य सिंधिया के हिस्से में रहने की बात सामने आई थी। हालांकि, प्रतिमा देवी की आपत्ति के बाद यह समझौता नए कानूनी विवाद में घिर सकता है। सिंधिया परिवार की संपत्तियों में जय विलास पैलेस, ऊषा किरण पैलेस, माधव विलास पैलेस, ग्वालियर हाउस (दिल्ली), सिंधिया घाट (वाराणसी) सहित कई महल, कृषि भूमि, ट्रस्ट और अन्य परिसंपत्तियां शामिल हैं।