Advertisement
मध्य प्रदेश के उज्जैन में सोशल मीडिया की दोस्ती, होटल में मुलाकात, कथित हिंदूवादी कार्यकर्ताओं द्वारा अपहरण और 10 लाख रुपए की फिरौती से जुड़ा मामला अब उलझता नजर आ रहा है। शुरुआती जांच में संगठित हनीट्रैप गिरोह का दिख रहा यह मामला अब नया रूप ले रहा है, जहां पुलिस को खुद फरियादी हैदर पटेल की बताई कहानी पर संदेह होने लगा है। पुलिस अब इस बात की भी गहन पड़ताल कर रही है कि क्या यह मामला महज हनीट्रैप का है या फिर इसके तार किसी एस्कॉर्ट सर्विस नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। इस केस में पंवासा क्षेत्र के कुछ संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, जिनमें भाजपा नेता से जुड़े लोकेश शर्मा का नाम भी शामिल है। वहीं बजरंग दल ने इस घटनाक्रम में अपने संगठन का नाम घसीटे जाने को छवि खराब करने की साजिश करार दिया है।
फरियादी हैदर पटेल के अनुसार, सीहोर की अंजलि ठाकुर नाम की युवती ने नौकरी और कमरे की तलाश के सिलसिले में उससे संपर्क किया था। 18 जुलाई की रात उज्जैन स्टेशन से युवती को कार में लेकर होटल जाते समय कुछ बदमाशों ने उनकी गाड़ी रोक ली और मारपीट करते हुए न्यूड फोटो-वीडियो बना लिए। खुद को हिंदूवादी कार्यकर्ता बताकर दुष्कर्म के केस में फंसाने की धमकी दी गई और 50 लाख की रंगदारी मांगी गई, जो बाद में 26 लाख में तय हुई। हैदर का दावा है कि उसने अपने दोस्त के जरिए 10 लाख रुपए भिजवाकर खुद को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया। हालांकि, नानाखेड़ा पुलिस (टीआई नरेंद्र यादव) सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स और पैसों के लेन-देन को खंगाल रही है, क्योंकि फरियादी के बयानों में कई झोल नजर आ रहे हैं और मामले में कई अहम खुलासे होना बाकी हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |