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मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। राज्य में अब तक औसतन 9.7 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक सामान्य वर्षा 11.4 इंच होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में करीब 15 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। जून में मानसून की देरी से एंट्री और जुलाई के दूसरे सप्ताह में मौसम प्रणालियों के कमजोर पड़ने से 39 जिलों में सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इनमें रीवा, सतना, जबलपुर, सागर, रायसेन, विदिशा, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बैतूल और शिवपुरी जैसे जिले शामिल हैं।
हालांकि मौसम विभाग को 20 जुलाई के बाद नई प्रणाली बनने से मानसून के फिर सक्रिय होने की उम्मीद है। पूर्वी मध्य प्रदेश के रीवा, सीधी, सिंगरौली और मैहर में मध्यम बारिश, जबकि भोपाल, इंदौर, धार, रायसेन, खंडवा, नर्मदापुरम और जबलपुर समेत कई जिलों में हल्की बारिश के आसार हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नया सिस्टम मजबूत रहा तो जुलाई के अंतिम दिनों में प्रदेशभर में बारिश का दायरा बढ़ेगा, जिससे खरीफ फसलों, जलाशयों और भूजल स्तर को राहत मिलने की संभावना है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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