विवादों में घिरे सात मंत्री बरकरार, विभाग बदले लेकिन बड़े चेहरों पर नहीं हुई कार्रवाई
मध्य प्रदेश में हालिया विभागीय फेरबदल के दौरान जहां मंत्री नागर सिंह चौहान और राज्य मंत्री लखन पटेल से महत्वपूर्ण विभाग वापस ले लिए गए, वहीं विवादों में रहे कई वरिष्ठ मंत्रियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह, नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय समेत सात मंत्रियों के नाम विभिन्न विवादों से जुड़े रहे हैं, जिनके कारण सरकार और संगठन को कई बार आलोचना का सामना करना पड़ा। कुछ मामलों में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक को दखल देना पड़ा, फिर भी ये मंत्री अपने पद पर बने हुए हैं।
विजय शाह कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी को लेकर न्यायिक जांच का सामना कर रहे हैं, जबकि कैलाश विजयवर्गीय अपने बयानों को लेकर कई बार विपक्ष के निशाने पर रहे हैं। वहीं मंत्री संपतिया उइके के विभाग से जुड़े जल जीवन मिशन के कार्यों पर भी गंभीर सवाल उठ चुके हैं। इन तमाम विवादों के बावजूद सरकार की ओर से इन मंत्रियों के खिलाफ विभाग बदलने या पद से हटाने जैसी कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।