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आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से गुप्त नवरात्र की शुरुआत हो गई है। इस बार गुप्त नवरात्र पुष्य नक्षत्र, हर्षल योग और गजकेसरी योग के शुभ संयोग में शुरू हुए हैं, जिससे इनका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। मध्य प्रदेश के उज्जैन, नलखेड़ा और दतिया में नौ दिनों तक तांत्रिक साधकों का विशेष जमावड़ा रहेगा। उज्जैन के चक्रतीर्थ और ओखलेश्वर श्मशान, विक्रांत भैरव मंदिर, नलखेड़ा के मां बगलामुखी मंदिर और दतिया के मां पीतांबरा पीठ में देशभर से साधक तंत्र साधना के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं हरसिद्धि मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार वर्ष में चार नवरात्र होते हैं, जिनमें आषाढ़ और माघ के नवरात्र 'गुप्त नवरात्र' कहलाते हैं और इन्हें साधना व सिद्धि के लिए विशेष माना जाता है। इस बार गुप्त नवरात्र के दौरान दो सर्वार्थ सिद्धि योग और तीन रवि योग का भी संयोग बन रहा है, जिन्हें नए कार्यों की शुरुआत और व्यवसाय विस्तार के लिए शुभ माना जाता है। 22 जुलाई को गुप्त नवरात्र का समापन होगा। इस दौरान वैदिक तंत्र के साधक गुरु परंपरा के अनुसार साधना करेंगे, जबकि अघोर पंथ के साधक श्मशान में विशेष तंत्र साधना करेंगे।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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