Advertisement
मध्य प्रदेश में आयकर रिटर्न दाखिल करने के करीब एक महीने बाद भी कई करदाताओं को रिफंड नहीं मिला है। ऑनलाइन प्रक्रिया होने के बावजूद रिफंड अटकने से वेतनभोगी कर्मचारियों सहित कई लोग कर सलाहकारों से संपर्क कर रहे हैं। आमतौर पर आयकर रिटर्न सत्यापित होने के 7 से 10 दिनों के भीतर रिफंड मिल जाता है, लेकिन इस बार प्रक्रिया में असामान्य देरी देखी जा रही है। करदाताओं का कहना है कि टैक्स जमा करने में देरी पर सरकार 12% तक ब्याज लेती है, जबकि रिफंड पर केवल 6% ब्याज देती है।
विशेषज्ञों के अनुसार रिफंड में देरी का मुख्य कारण रिटर्न का AIS और फॉर्म 26AS से मिलान, ई-वेरिफिकेशन लंबित होना, बैंक खाते का सत्यापन न होना, पैन और बैंक रिकॉर्ड में विसंगति या पुराने टैक्स बकाए हो सकते हैं। आयकर विशेषज्ञ राजेश कुमार जैन ने सलाह दी है कि रिटर्न दाखिल करने से पहले 26AS और AIS से सभी जानकारियों का मिलान कर लें, ताकि रिफंड में अनावश्यक देरी और आयकर नोटिस जैसी समस्याओं से बचा जा सके।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |