एमपी में यूसीसी की तैयारी, लिव-इन से जन्मे बच्चों को मिलेगा पैतृक संपत्ति में अधिकार
मध्य प्रदेश सरकार समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी में है। प्रस्तावित मसौदे के अनुसार, लिव-इन रिलेशनशिप से जन्मे बच्चों को उनके जैविक माता-पिता की संपत्ति में समान कानूनी अधिकार मिलेगा। इसके साथ ही लिव-इन में रहने वाले जोड़ों के लिए संबंध का पंजीकरण अनिवार्य करने की भी सिफारिश की गई है, ताकि भविष्य में बच्चों के अधिकार और उनके पालन-पोषण से जुड़े विवादों का आसानी से समाधान हो सके। सरकार की योजना है कि यूसीसी का मसौदा आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाए।
प्रस्तावित यूसीसी में सभी धर्मों के लिए विवाह पंजीकरण अनिवार्य, तलाक केवल अदालत के माध्यम से मान्य, बहुविवाह पर पूर्ण प्रतिबंध और पुत्र-पुत्रियों को संपत्ति में समान अधिकार जैसे प्रावधान शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मसौदा सभी समुदायों से राय लेकर तैयार किया गया है, जबकि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि बिना व्यापक सहमति के यूसीसी लागू करना समाज में विभाजन पैदा कर सकता है। सरकार का कहना है कि कानून का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और एक समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।