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मध्य प्रदेश के ग्वालियर में चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) अशोक विजयवर्गीय से हुई ₹21.05 करोड़ की ऑनलाइन ठगी ने साइबर अपराध के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। जांच में अब तक 20,507 म्यूल (फर्जी या किराए पर इस्तेमाल किए गए) बैंक खातों की पहचान की गई है। राज्य साइबर सेल फिलहाल उन 76 बैंक खातों पर विशेष फोकस कर रही है, जहां सबसे पहले ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। ये खाते आंध्र प्रदेश, चेन्नई, रांची, गुलबर्गा और कोल्हापुर समेत कई राज्यों के सरकारी और निजी बैंकों में संचालित हैं। इस मामले ने बैंकिंग निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं कि कम लेनदेन वाले खातों से करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन कैसे होता रहा।
जांच में 'दिव्या' नाम की महिला को इस साइबर ठगी की अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार उसने खुद को बेंगलुरु का बड़ा कारोबारी बताकर अशोक विजयवर्गीय से दोस्ती की और उन्हें यूएसडीटी (USDT) व बिटकॉइन (BTC) में निवेश का झांसा देकर करोड़ों रुपये निवेश करवाए। ठगी सामने आने के बाद उसका मोबाइल फोन बंद है और पुलिस उसकी लोकेशन व कॉल डिटेल्स जुटाने में लगी है। अधिकारियों का मानना है कि दिव्या की गिरफ्तारी से पूरे साइबर ठगी नेटवर्क और मनी ट्रेल का बड़ा खुलासा हो सकता है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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