Advertisement
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) और चैंबर ऑफ कॉमर्स के निर्वाचन अधिकारी अशोक विजयवर्गीय से हुई 21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी ने देश के सबसे बड़े म्यूल अकाउंट नेटवर्क में से एक का खुलासा किया है। स्टेट साइबर सेल की जांच में सामने आया कि ठगों ने ठगी की पूरी रकम देशभर के 20,507 बैंक खातों में ट्रांसफर कर छिपाई। तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में फैले इस नेटवर्क में मुख्य रूप से चालू (करंट) खातों का इस्तेमाल किया गया। अब तक जांच में 12 ट्रांजेक्शन लेयर सामने आ चुकी हैं और पुलिस 1.92 करोड़ रुपये फ्रीज कराने में सफल रही है।
जांच के अनुसार, दिव्या सिंह ने पहले अशोक विजयवर्गीय से दोस्ती कर उनका विश्वास जीता और फिर USDT व BTC में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर उन्हें साइबर ठगों के जाल में फंसाया। हालांकि विजयवर्गीय का दावा है कि दिव्या भी इस ठगी की शिकार हुई और उसके भी करोड़ों रुपये फंस गए। पुलिस के मुताबिक शुरुआती निवेश कर्मचारी और मित्र के बैंक खातों से किया गया था। शुरुआती मुनाफा मिलने के बाद विजयवर्गीय ने परिजनों और परिचितों से भी पैसे लेकर निवेश बढ़ाया। साइबर सेल फिलहाल पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और अब तक केवल शुरुआती चार स्तरों में ही 20,507 बैंक खातों की पहचान हो चुकी है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |