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छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को 30 से 50 प्रतिशत तक सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने की योजना विवादों में घिर गई है। स्वास्थ्य विभाग ने 'अमृत फार्मेसी' के संचालन की जिम्मेदारी निजी कंपनी एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड (HLL Lifecare Limited) को सौंपने और अस्पताल परिसरों में निशुल्क स्थान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सरकार का दावा है कि इससे मरीजों को कम कीमत पर दवाएं मिलेंगी और इलाज का खर्च घटेगा।
वहीं कांग्रेस ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि बिना टेंडर प्रक्रिया अपनाए निजी कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी का कहना है कि इससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा और नियमों की अनदेखी हुई है। फिलहाल सरकार की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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