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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने करीब दो साल की बच्ची की कस्टडी उसकी मां को देने से इनकार करते हुए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि बच्ची रतलाम की बाल कल्याण समिति की वैध अभिरक्षा में है और उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए उसे मां को सौंपना न तो सुरक्षित है और न ही उसके सर्वोत्तम हित में। हालांकि कोर्ट ने महिला को अन्य वैधानिक कानूनी उपाय अपनाने की स्वतंत्रता दी है।
सुनवाई के दौरान सरकार ने बताया कि महिला चार वर्षीय बच्ची के अपहरण के मामले में गिरफ्तार हो चुकी है और फिलहाल जमानत पर है। बाल कल्याण समिति की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि वह पहले भी अपनी बेटी को लावारिस छोड़ चुकी है तथा उसके दस्तावेजों और बयानों में कई विरोधाभास पाए गए। इन परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने बच्ची की कस्टडी देने से इनकार कर दिया।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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