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मध्य प्रदेश में अगले दो से तीन दिन बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने की संभावना है, लेकिन 14 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया मौसम तंत्र मानसून को फिर सक्रिय कर सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, रीवा, सीधी, सतना, मैहर, पन्ना, शहडोल, सिंगरौली, उमरिया, अनूपपुर, कटनी, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट और जबलपुर समेत पूर्वी जिलों में भारी बारिश की संभावना है। फिलहाल प्रदेश में 1 जून से अब तक सामान्य से 8 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जबकि पिछले 24 घंटों में छतरपुर के गौरीहार में 182 मिमी अति भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि 13 जुलाई के आसपास उत्तर बंगाल की खाड़ी में बनने वाला ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण आगे चलकर निम्न दबाव क्षेत्र का रूप ले सकता है, जिससे मध्य प्रदेश में बारिश दोबारा तेज होगी। यह स्थिति खरीफ फसलों के लिए भी लाभदायक मानी जा रही है और सोयाबीन, धान, मक्का तथा उड़द जैसी फसलों को इसका फायदा मिल सकता है। हालांकि, अत्यधिक बारिश वाले इलाकों में जलभराव, नदियों-नालों के उफान और आकाशीय बिजली जैसी परिस्थितियां भी बन सकती हैं, इसलिए मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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