आबादी के नए आंकड़ों से छतरपुर नगर निगम गठन पर संकट
छतरपुर को नगर निगम बनाने की प्रक्रिया एक बार फिर प्रशासनिक अड़चनों में फंसती नजर आ रही है। जनगणना के तहत मकान सूचीकरण पूरा होने के बाद सामने आए नए आंकड़ों ने जिला प्रशासन के पहले भेजे गए प्रस्ताव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सर्वे में नगर पालिका क्षेत्र में 61 हजार मकान दर्ज किए गए हैं, जिनके आधार पर शहर की आबादी करीब 2.09 लाख आंकी गई है। जबकि पहले भोपाल भेजे गए प्रस्ताव में शहर की आबादी 2.55 लाख दर्शाई गई थी। दोनों आंकड़ों के बीच करीब 46 हजार की जनसंख्या का अंतर सामने आने से नगर निगम गठन की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। यह फाइल पिछले नौ महीनों से नगरीय विकास एवं आवास विभाग में लंबित है।
प्रस्ताव के अनुसार छतरपुर शहर के साथ आसपास के 20 गांवों को मिलाकर नगर निगम बनाने की योजना है, जिससे कुल आबादी 3.62 लाख और क्षेत्रफल 20,628 हेक्टेयर से अधिक हो जाएगा। हालांकि समग्र आईडी में डुप्लीकेट रिकॉर्ड हटने और कई लोगों की गणना शहर के बजाय अपने मूल गांवों में होने से आबादी के आंकड़े बदल गए हैं। यदि इस प्रस्ताव पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो 2027 में नगर पालिका और संबंधित ग्राम पंचायतों के चुनाव शुरू होने के बाद नगर निगम गठन की प्रक्रिया अगले पांच वर्षों तक टल सकती है।