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इंदौर के एक सीबीएसई स्कूल के दो 9वीं कक्षा के छात्रों ने बिग बैंग थ्योरी पर मौजूद गलत जानकारियों को चुनौती देते हुए खुद रिसर्च कर पुस्तक लिख डाली। आदित्य विजयवर्गीय और गुरसीरत सिंह ने लाइब्रेरी में पढ़ी एक किताब में वैज्ञानिक तथ्य गलत पाए, जिसके बाद उन्होंने कॉस्मोलॉजी के 15 से अधिक जटिल विषयों का अध्ययन कर आसान भाषा में बिग बैंग सिद्धांत, उसके वैज्ञानिक प्रमाण और अब भी अनसुलझे सवालों पर आधारित पुस्तक तैयार की। यह पुस्तक उनके 8वीं कक्षा में रहते ही प्रकाशित हो चुकी थी।
छात्रों की रिसर्च में ब्रह्मांड का स्वभाव, सामान्य सापेक्षता, क्वांटम यांत्रिकी और स्पेस-टाइम जैसे विषय शामिल रहे। उन्होंने विशेष रूप से चार सवालों पर फोकस किया—स्पेस के फैलने का वास्तविक अर्थ, समय की शुरुआत, ब्रह्मांड से पहले क्या था और भौतिकी के नियम ऐसे क्यों हैं। सीबीएसई विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों में अब केवल रटने के बजाय वैज्ञानिक सोच, शोध और सही जानकारी खोजने की जिज्ञासा तेजी से बढ़ रही है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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