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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी बगावत के बीच ममता बनर्जी ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पार्टी का चुनाव चिह्न कोई नहीं छीन सकता और अगर उन्हें रोकना है तो पहले उन्हें मारना पड़ेगा। ममता ने बागी नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो खुलकर भाजपा में शामिल हो जाएं, क्योंकि उनकी आवाज़ को कोई दबा नहीं सकता।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि जिन नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर जीत हासिल की, वही अब पार्टी के साथ विश्वासघात कर रहे हैं और भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गद्दारी की भी एक सीमा होती है। ममता ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने केंद्रीय बलों की मदद से तृणमूल भवन पर कब्जा कर लिया, लेकिन इमारत पर कब्जा किया जा सकता है, जनता के दिलों पर नहीं। उन्होंने भाजपा पर चुनाव प्रक्रिया और मतगणना को प्रभावित कर सत्ता हासिल करने का भी आरोप लगाया।
टीएमसी में बगावत के बाद 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं, जबकि 20 सांसद भी पार्टी छोड़ चुके हैं। बागी गुट ने ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना है और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति हो चुकी है। इस बीच राज्य टीएमसी अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे और बागी नेताओं के साथ उनकी मौजूदगी ने पार्टी के भीतर सियासी संकट को और गहरा कर दिया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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