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पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को होने वाला उपचुनाव बिहार की राजनीति का सबसे चर्चित मुकाबला बन गया है। इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रशांत किशोर की जनसुराज के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। भाजपा के लिए यह अपना पारंपरिक गढ़ बचाने की चुनौती है, जबकि प्रशांत किशोर के लिए यह चुनाव उनकी राजनीतिक स्वीकार्यता और नेतृत्व क्षमता की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) विपक्षी एकजुटता के तहत प्रशांत किशोर का समर्थन करने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में अंतिम फैसला अभी बातचीत के बाद ही होगा। यदि महागठबंधन जनसुराज के पक्ष में एकजुट होता है, तो मुकाबला भाजपा के लिए और चुनौतीपूर्ण हो सकता है। दूसरी ओर, प्रशांत किशोर की कोशिश इस चुनाव के जरिए यह संदेश देने की है कि बिहार में विपक्ष अब भी मजबूत राजनीतिक चुनौती पेश कर सकता है।
भाजपा ने अभी तक अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है, लेकिन चुनावी तैयारियां पूरी रफ्तार से शुरू कर दी हैं। पार्टी ने बांकीपुर के सभी 422 बूथों पर सात चरणों में अभियान चलाने की रणनीति बनाई है। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी का दावा है कि पूर्व विधायक नितिन नवीन के विकास कार्यों के आधार पर भाजपा एक बार फिर भारी मतों से जीत दर्ज करेगी। ऐसे में बांकीपुर उपचुनाव का नतीजा केवल एक सीट का फैसला नहीं, बल्कि बिहार की आगामी राजनीतिक दिशा का भी संकेत माना जा रहा है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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