Advertisement
मध्य प्रदेश के चर्चित 800 करोड़ रुपये के कथित पोषण आहार घोटाले में लोकायुक्त ने कार्रवाई तेज करते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव तथा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एसआरएलएम) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को नोटिस जारी कर 24 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई पूर्व विधायक पारस सखलेचा की शिकायत पर की जा रही है, जिसमें तत्कालीन प्रमुख सचिव इकबाल सिंह बैंस और तत्कालीन आजीविका मिशन संचालक ललित मोहन बेलवाल सहित अन्य अधिकारियों पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।
लोकायुक्त के अनुसार, महालेखाकार (एजी) की वर्ष 2018 से 2021 के बीच आठ जिलों में हुई ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभागों से कार्रवाई प्रतिवेदन मांगा गया था। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 14 से अधिक पत्र भेजे गए, लेकिन अब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला। विभाग ने कई बार समय मांगा, हालांकि भेजी गई जानकारी लोकायुक्त की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं पाई गई। इसी कारण अब संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से तलब किया गया है।
पूर्व विधायक पारस सखलेचा ने वर्ष 2023 में लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि पोषण आहार के उत्पादन, परिवहन और वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं, जिससे सरकारी धन का भारी दुरुपयोग हुआ। अब लोकायुक्त इस मामले में विभागीय जवाबदेही तय करने और आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों से विस्तृत प्रतिवेदन प्राप्त करेगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |