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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित (E20) पेट्रोल नीति को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर जनता को गुमराह कर रही है और सुप्रीम कोर्ट में दिए गए अपने कथित बयान से पीछे हट गई है। केजरीवाल का कहना है कि यदि सरकार ने इसे अदालत में 'प्रयोग' बताया था, तो पूरे देश में इसे लागू करना 140 करोड़ लोगों पर प्रयोग करने जैसा है।
केजरीवाल ने कहा कि किसी भी नई तकनीक या नीति का परीक्षण पहले सीमित स्तर पर किया जाता है और उसके परिणामों के आधार पर ही व्यापक स्तर पर लागू किया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के कारण लोगों के वाहन खराब होते हैं और आर्थिक नुकसान होता है, तो क्या सरकार इसकी जिम्मेदारी लेते हुए प्रभावित लोगों को मुआवजा देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले अदालत में एक रुख अपनाया और बाद में मीडिया में अलग बयान देकर भ्रम की स्थिति पैदा की।
आप प्रमुख ने कहा कि जनता की चिंताओं को गंभीरता से लेना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने घोषणा की कि वह जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति पर पुनर्विचार करने और इसे वापस लेने की मांग करेंगे। वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम का उद्देश्य आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करना, प्रदूषण घटाना और किसानों की आय बढ़ाना है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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