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भोपाल में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नापतौल विभाग के सेवानिवृत्त निरीक्षक हरिप्रसाद पटेल को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि यह रिश्वत विभाग के प्रभारी उप नियंत्रक (डिप्टी कंट्रोलर) नसीमुद्दीन के कथित निर्देश पर ली जा रही थी। इसके बाद लोकायुक्त ने नसीमुद्दीन को भी मुख्य आरोपी बनाते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह कार्रवाई प्रगति पेट्रोल पंप के संचालक अमित सिंह बघेल की शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में आरोप था कि पेट्रोल पंप के खिलाफ दर्ज प्रकरण समाप्त करने और सील किए गए तीन नोजलों को दोबारा चालू कराने के बदले पहले चार लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई, जिसे बाद में साढ़े तीन लाख रुपये में तय किया गया। पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये देने के दौरान लोकायुक्त की टीम ने इंडियन कॉफी हाउस के पास हरिप्रसाद पटेल को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2023 में सेवानिवृत्त होने के बावजूद हरिप्रसाद पटेल विभागीय मामलों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे और कथित तौर पर रिश्वत की रकम लेने का काम कर रहे थे। वहीं, प्रभारी डिप्टी कंट्रोलर नसीमुद्दीन पर आरोप है कि वे रिश्वत की रकम का उल्लेख मौखिक रूप से करने के बजाय कागज पर लिखकर तुरंत नष्ट कर देते थे, ताकि कोई सबूत न बचे। लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, विभागीय दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त कर जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता मिलने पर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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