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राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार की याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। राज्य सरकार ने हाई कोर्ट द्वारा जमानत बरकरार रखने के आदेश को चुनौती देते हुए कहा है कि गिरफ्तारी दस्तावेज में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा दर्ज करने में हुई टाइपिंग की तकनीकी त्रुटि के आधार पर आरोपी को राहत मिल गई। सरकार का तर्क है कि हत्या जैसे गंभीर मामले में केवल एक दस्तावेजी गलती को जमानत का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए।
मेघालय सरकार के अनुसार गिरफ्तारी से जुड़े एक दस्तावेज में हत्या से संबंधित धारा 103 के स्थान पर गलती से धारा 403 दर्ज हो गई थी, जबकि केस डायरी, अन्य गिरफ्तारी दस्तावेजों और जांच रिकॉर्ड में सही धाराओं का उल्लेख मौजूद है। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि ट्रायल कोर्ट और बाद में हाई कोर्ट ने इस तकनीकी त्रुटि को आधार बनाकर जमानत दी, जबकि उपलब्ध साक्ष्य हत्या के आरोपों को मजबूत करते हैं। सरकार ने फोरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों का भी हवाला देते हुए जमानत आदेश पर पुनर्विचार की मांग की है।
यह मामला वर्ष 2025 में सामने आया था, जब मध्य प्रदेश निवासी राजा रघुवंशी की मेघालय में हनीमून के दौरान हत्या कर दी गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने पत्नी सोनम रघुवंशी, उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मेघालय सरकार का कहना है कि जांच में जुटाए गए वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्य आरोपियों की कथित संलिप्तता की पुष्टि करते हैं। अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, जहां राज्य सरकार जमानत रद्द करने की मांग रखते हुए अपना पक्ष पेश करेगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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