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NDA का 'मिशन 360' तेज, लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत के लिए नए सहयोगियों पर नजर
 NDA

लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के लक्ष्य के साथ एनडीए ने 'मिशन 360' पर काम तेज कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा की रणनीति केवल महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे संवैधानिक संशोधनों तक सीमित नहीं है, बल्कि 'एक देश-एक चुनाव' और न्यायिक सुधार जैसे बड़े विधायी एजेंडे को भी आगे बढ़ाने की है। हालिया राजनीतिक घटनाक्रम में कुछ विपक्षी सांसदों के समर्थन मिलने के बावजूद एनडीए को अभी भी दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए 41 और सांसदों की जरूरत बताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि भाजपा की नजर अब समाजवादी पार्टी, डीएमके और एनसीपी (शरद पवार गुट) जैसे दलों पर है। हाल ही में टीएमसी के 20 सांसदों द्वारा एनडीए का समर्थन करने और शिवसेना (उद्धव गुट) के 6 सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने के बाद राजनीतिक समीकरण बदले हैं। रणनीति के तहत विपक्षी दलों में संभावित टूट, नए सहयोगी जोड़ने या महत्वपूर्ण मतदान के दौरान विपक्षी सांसदों की गैरहाजिरी जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि प्रभावी सदस्य संख्या कम होने पर दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा हासिल किया जा सके।

 

विशेषज्ञों के अनुसार, संविधान संशोधन से जुड़े विधेयकों—जैसे महिला आरक्षण, परिसीमन और 'एक देश-एक चुनाव'—को पारित कराने के लिए संसद में दो-तिहाई बहुमत आवश्यक है। संविधान के तहत 2026 में परिसीमन की प्रक्रिया प्रस्तावित है और यदि इसमें बदलाव करना हो तो भी संवैधानिक संशोधन की जरूरत पड़ेगी। इसी संदर्भ में राजनीतिक स्तर पर बहुमत जुटाने की कवायद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सरकार अपने प्रमुख विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए व्यापक समर्थन सुनिश्चित करना चाहती है।

Priyanshi Chaturvedi 2 July 2026

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