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मध्य प्रदेश में राजस्व मामलों को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, भूमि आवंटन और पट्टे से जुड़े मामलों की जानकारी रेवेन्यू केस मैनेजमेंट सिस्टम (RCMS) पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध होगी। भोपाल में राजस्व अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले मामलों के निपटारे की प्रक्रिया अब डिजिटल निगरानी में रहेगी और नागरिक संबंधित प्रकरणों की स्थिति के साथ-साथ ऑनलाइन आपत्ति या सुझाव भी दर्ज करा सकेंगे। फिलहाल जिले के विभिन्न नजूल क्षेत्रों के करीब 300 मामलों को सार्वजनिक आपत्तियों के लिए पोर्टल पर प्रदर्शित किया गया है।
आरसीएमएस पोर्टल पर उपलब्ध 'इश्तिहार' विंडो के माध्यम से नागरिक जिला, तहसील और गांव के अनुसार संबंधित प्रकरणों की जानकारी देख सकते हैं। यदि किसी मामले पर आपत्ति या सुझाव देना हो तो उसी पोर्टल के जरिए ऑनलाइन दर्ज कराया जा सकता है। इससे राजस्व मामलों के निपटारे में पारदर्शिता बढ़ेगी और अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। वर्तमान में साइबर तहसील व्यवस्था के तहत भोपाल जिले की बैरसिया, हुजूर और कोलार तहसीलों के राजस्व प्रकरण ऑनलाइन दर्ज किए जा रहे हैं, जबकि एमपी नगर, बैरागढ़, टीटी नगर, गोविंदपुरा और सिटी सर्कल के नजूल क्षेत्र अभी इस व्यवस्था से बाहर हैं।
राजस्व अधिकारियों का कहना है कि पहले जमीन से जुड़े मामलों की जानकारी लोगों तक समय पर नहीं पहुंचती थी, जिससे कई बार बिना जानकारी के आदेश जारी हो जाते थे। अब ऑनलाइन व्यवस्था के कारण प्रभावित पक्ष समय रहते अपनी आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। एसडीएम विनोद सोनकिया के अनुसार साइबर तहसील के माध्यम से राजस्व प्रकरणों के निपटान की प्रक्रिया तेज हुई है और डिजिटल मॉनिटरिंग से पूरी व्यवस्था अधिक पारदर्शी बन रही है। इससे नागरिकों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत भी कम होगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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