कैलाश विजयवर्गीय की सीएम को चिट्ठी: बोले- ढाई साल से मिल रही उपेक्षा, इंदौर को नहीं मिला न्यायोचित हक
मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर इंदौर से जुड़े कई अहम मुद्दों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों से उन्हें लगातार असहयोग, उपेक्षा और विरोध का सामना करना पड़ रहा है। पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि इंदौर के विकास से जुड़े मामलों का समाधान नहीं हुआ तो उन्हें जनता की आवाज सार्वजनिक मंच पर उठानी पड़ेगी। हालांकि बाद में विजयवर्गीय ने इसे पार्टी का आंतरिक विषय बताते हुए सार्वजनिक टिप्पणी से इनकार कर दिया।
पत्र में विजयवर्गीय ने इंदौर के मास्टर प्लान में देरी, इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन के नाम में बदलाव, एयरपोर्ट विस्तार के लिए भूमि उपलब्ध नहीं होने, RGPV के विभाजन में इंदौर की अनदेखी, पीथमपुर में औद्योगिक सुविधाओं की कमी और सिंहस्थ परियोजनाओं में इंदौर को शामिल नहीं किए जाने जैसे मुद्दे उठाए हैं। उनका कहना है कि इंदौर प्रदेश का आर्थिक केंद्र होने के बावजूद शहर को उसका न्यायोचित हक नहीं मिल रहा है।
विजयवर्गीय ने यह भी आरोप लगाया कि उनके विभाग से जुड़े तबादले कई बार उनकी जानकारी के बिना किए जाते हैं। वहीं, पत्र सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने भी सरकार को घेरा है। राजनीतिक हलकों में इस पत्र को प्रदेश सरकार के भीतर बढ़ती असहमति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।