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भोपाल सहित मध्य प्रदेश के कई इलाकों में बिजली की लो-वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या से जल्द राहत मिलने वाली है। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (एमपीईआरसी) ने बिजली कंपनियों को सोलर पावर प्लांट के स्मार्ट इन्वर्टर आधारित रिएक्टिव पावर तकनीक लागू करने की मंजूरी दे दी है। मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT) की तकनीक के जरिए बिजली लाइन में लोड बैलेंस किया जाएगा, जिससे वोल्टेज स्थिर रहेगा और ट्रिपिंग की समस्या कम होगी। इसकी शुरुआत भोपाल, राजगढ़ और नीमच के बीच की बिजली लाइनों से की जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, रात के समय उद्योगों और कृषि क्षेत्र में बिजली की मांग बढ़ने से ग्रिड पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या पैदा होती है। नई तकनीक के तहत सोलर प्लांट के स्मार्ट इन्वर्टर बिना धूप के भी ग्रिड को रिएक्टिव पावर सपोर्ट देंगे और बिजली आपूर्ति को संतुलित बनाए रखेंगे। इससे करंट निर्धारित सीमा के भीतर रहेगा और बिजली व्यवस्था अधिक विश्वसनीय होगी, साथ ही बिजली कंपनियों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाला खर्च भी कम होगा।
वहीं, बिजली उपभोक्ताओं के लिए टाइम ऑफ द डे (TOD) टैरिफ में भी बदलाव किया गया है। अब रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक मिलने वाली 20 प्रतिशत छूट समाप्त कर दी गई है। इसके स्थान पर घरेलू और स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बीच बिजली उपयोग करने पर 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। अलग-अलग श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए यह व्यवस्था अलग-अलग नियमों के अनुसार लागू होगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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