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बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बदलेगा मध्यप्रदेश का मौसम, जुलाई के पहले सप्ताह में तेज बारिश के आसार
Bengal system , Madhya Pradesh

मध्यप्रदेश में मानसून की धीमी रफ्तार के बीच मौसम विभाग और विशेषज्ञों ने जुलाई के पहले सप्ताह में अच्छी बारिश की उम्मीद जताई है। मानसून प्रदेश में नौ दिन की देरी से पहुंचा, लेकिन शुरुआती बारिश के बाद कई जिलों में गतिविधियां कमजोर पड़ गईं। पूर्वी मध्यप्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अब भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है, जबकि कुछ इलाकों में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाला संभावित निम्न दबाव क्षेत्र प्रदेश में मानसून को फिर से सक्रिय कर सकता है।

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, 2 से 5 जुलाई के बीच उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), यूरोपीय मॉडल (ECMWF), अमेरिकी मॉडल (GFS) और AI आधारित मौसम मॉडल GraphCast व Pangu Weather भी इस संभावना की ओर संकेत कर रहे हैं। यदि यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ता है, तो इसका असर सबसे पहले ओडिशा और छत्तीसगढ़ पर दिखाई देगा, जिसके बाद शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, मंडला, बालाघाट, सिवनी, जबलपुर, कटनी, रीवा और सतना सहित पूर्वी मध्यप्रदेश के कई जिलों में व्यापक और अच्छी बारिश होने की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मौसम प्रणाली पूरे मध्यप्रदेश में मानसून को नई गति दे सकती है। इससे वर्षा की कमी दूर होने, नदियों और जलाशयों में जलस्तर बढ़ने तथा खरीफ फसलों जैसे धान, सोयाबीन, मक्का और दलहनी फसलों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने की उम्मीद है। यदि अनुमान के अनुरूप यह सिस्टम मजबूत होता है, तो जुलाई का पहला सप्ताह प्रदेश में संतुलित और व्यापक वर्षा लेकर आ सकता है, जिससे किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

Priyanshi Chaturvedi 30 June 2026

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