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आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर Ravi Shankar Prasad ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस और तत्कालीन प्रधानमंत्री Indira Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 1975 में लगाया गया आपातकाल लोकतंत्र की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि इंदिरा गांधी की कुर्सी बचाने के लिए लगाया गया था। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि देश को यह याद रखना चाहिए कि उस दौर में लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों के साथ क्या हुआ था।
बीजेपी नेता ने अपने छात्र जीवन और जेपी आंदोलन में सक्रिय भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि आपातकाल के दौरान उन्हें मीसा (MISA) के तहत जेल भी जाना पड़ा था। उन्होंने कहा कि Indian Emergency से पहले Allahabad High Court ने इंदिरा गांधी का रायबरेली से चुनाव निरस्त कर दिया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां उन्हें सीमित राहत मिली। रविशंकर प्रसाद के अनुसार, इसी राजनीतिक संकट के बाद आपातकाल लागू किया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि उस समय विपक्षी दलों के आंदोलनों और देश में अस्थिरता के दावों को आधार बनाकर आपातकाल लगाया गया, जबकि वास्तविक उद्देश्य सत्ता को बचाए रखना था। उन्होंने कहा कि आज संविधान और लोकतंत्र की बात करने वालों को उस दौर की घटनाओं पर भी जवाब देना चाहिए। वहीं, कांग्रेस लंबे समय से यह कहती रही है कि उस समय के फैसलों का मूल्यांकन ऐतिहासिक और राजनीतिक संदर्भों में किया जाना चाहिए।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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