5 करोड़ की सड़क निर्माण पर उठे सवाल, गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के बाद काम रोका गया
बीना शहर में आंबेडकर तिराहा से सागर गेट और महावीर चौक तक लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से किए जा रहे सड़क डामरीकरण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। नागरिकों का आरोप है कि निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। डामर की परत में छोटी गिट्टी के बजाय बड़ी गिट्टी का अधिक उपयोग किया जा रहा है और डामर की मात्रा भी अपेक्षाकृत कम दिखाई दे रही है, जिससे सड़क की मजबूती और टिकाऊपन पर संदेह पैदा हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के विभिन्न हिस्सों में निर्माण की गुणवत्ता एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर डामर और गिट्टी का मिश्रण संतोषजनक दिखता है, जबकि कई जगह बड़ी गिट्टियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं। सर्वोदय चौराहे से आंबेडकर तिराहे तक बने हिस्से में गुणवत्ता को लेकर सबसे अधिक शिकायतें सामने आई हैं। नागरिकों का मानना है कि यदि इसी प्रकार निर्माण जारी रहा तो सड़क पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो सकती है। उन्होंने निर्माण कार्य की नियमित निगरानी और गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण की मांग की है।
शिकायतों के बाद नगर पालिका ने फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया है और शेष कार्य बारिश के बाद कराने का निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार, डामरीकरण में 19 एमएम गिट्टी का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन इसकी मात्रा सीमित होनी चाहिए। आरोप है कि निर्धारित सीमा से अधिक बड़ी गिट्टी का उपयोग किया गया है। नगर पालिका ने गुणवत्ता को लेकर ठेकेदार को तीन नोटिस जारी किए हैं और स्पष्ट किया है कि भुगतान बारिश के बाद सड़क की स्थिति का आकलन करने के बाद ही किया जाएगा। यदि सड़क में गुणवत्ता संबंधी खामियां पाई जाती हैं, तो ठेकेदार से दोबारा कार्य कराया जाएगा।