शिवसेना में फिर सियासी हलचल: रामदास कदम का दावा- सातवें सांसद भी शिंदे गुट में आने को तैयार थे
शिवसेना नेता Ramdas Kadam ने दावा किया है कि उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसदों के अलावा एक और सांसद भी Eknath Shinde की शिवसेना में शामिल होना चाहते थे। कदम के अनुसार, उस सांसद ने शामिल होने के लिए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कर दिए थे, लेकिन उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री पद की मांग रखी। जब यह मांग स्वीकार नहीं हुई तो उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। हालांकि कदम ने सांसद का नाम उजागर नहीं किया, लेकिन इतना संकेत जरूर दिया कि वह नेता Uddhav Thackeray के बेहद करीबी हैं और उनके बगल में बैठते हैं।
सोमवार को शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 लोकसभा सांसद शिंदे गुट में शामिल हो गए, जिससे लोकसभा में शिंदे समर्थक सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई। मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिंदे ने कहा कि उनकी लड़ाई Bal Thackeray के विचारों और मूल शिवसेना को बचाने के लिए है। उन्होंने इसे अपनी राजनीतिक ताकत में बड़ी बढ़ोतरी बताते हुए कहा कि 2022 में 40 विधायकों के साथ शुरू हुआ आंदोलन अब सांसदों तक पहुंच गया है।
इस बीच उद्धव ठाकरे की ओर से विधानसभा के मानसून सत्र की रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई बैठक में कुछ विधायक और एक एमएलसी शामिल नहीं हुए, जिससे नई अटकलों को बल मिला। हालांकि विधायक Sunil Shinde ने अपनी अनुपस्थिति को निजी कारणों से जुड़ा बताया और किसी भी राजनीतिक अटकल को खारिज किया। महाराष्ट्र की राजनीति में यह घटनाक्रम उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि पिछले चार वर्षों में पार्टी के भीतर यह दूसरी बड़ी टूट है।