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मध्यप्रदेश UCC पर भाजपा के सुझाव: 6 माह में विवाह-तलाक मामलों का निपटारा, बाल विवाह पर सख्ती की मांग
BJP

मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर गठित उच्च स्तरीय समिति के समक्ष भारतीय जनता पार्टी ने कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए हैं। पार्टी की ओर से प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी और निर्वाचन आयोग समन्वय विभाग के संयोजक एस.एस. उत्पल ने कहा कि विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू होना चाहिए। भाजपा ने मध्यप्रदेश सरकार के यूसीसी संबंधी प्रयासों की सराहना करते हुए इसे सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

भाजपा ने सुझाव दिया कि विवाह, तलाक और गुजारा-भत्ता से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक और फैमिली कोर्ट बनाए जाएं, ताकि सभी मामलों का निर्णय अधिकतम छह महीने के भीतर हो सके। साथ ही विवाह पंजीयन को अनिवार्य बनाने और निर्धारित आयु से कम उम्र में विवाह करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। पार्टी ने यह भी कहा कि बाल विवाह को अमान्य घोषित किया जाए और ऐसे मामलों में संबंधित लोगों को सरकारी लाभों से वंचित रखा जाए।

 

सुझावों में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के अधिकारों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। भाजपा ने बेटे-बेटी को पैतृक और स्व-अर्जित संपत्ति में समान अधिकार, गोद लिए गए बच्चों को जैविक बच्चों के बराबर अधिकार, तथा तलाक की स्थिति में वैवाहिक संपत्ति पर पति-पत्नी की 50-50 हिस्सेदारी का समर्थन किया। इसके अलावा विवाह प्रमाणपत्र, गोद लेने और वसीयत संबंधी प्रक्रियाओं के लिए डिजिटल पोर्टल बनाने, बुजुर्ग माता-पिता की उपेक्षा करने वालों पर कार्रवाई और दिव्यांग बच्चों की संपत्ति सुरक्षा के लिए विशेष कानूनी प्रावधानों की भी सिफारिश की गई।

Priyanshi Chaturvedi 23 June 2026

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