फर्जी NEET पेपर बेचकर छात्रों से वसूले पैसे, AI की मदद से तैयार करता था प्रश्नपत्र
इंदौर के एक लॉ स्टूडेंट अक्षय मालवीय को फर्जी NEET प्रश्नपत्र बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि वह ChatGPT और अन्य एआई आधारित एप्लिकेशन की मदद से नकली प्रश्नपत्र तैयार करता था और उन्हें सोशल मीडिया पर असली परीक्षा पेपर बताकर बेचता था। अक्षय ने पुलिस को बताया कि इंस्टाग्राम पर फर्जी प्रश्नपत्र की स्टोरी पोस्ट करने के बाद उसे करीब 8 हजार लाइक्स मिले, जिससे वह और अधिक लोकप्रिय होने के लिए इस गतिविधि में जुट गया।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि शुरुआत में उसकी पोस्ट को ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं मिली थी, लेकिन जब NEET परीक्षा को लेकर चर्चाएं तेज हुईं तो उसने NEET के नाम से फर्जी प्रश्नपत्र साझा करना शुरू कर दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्रों के संदेश आने लगे और उसने कथित तौर पर 30 से 35 छात्रों से पैसे वसूल लिए। जांच में यह भी पता चला कि इंस्टाग्राम ने उसके अकाउंट पर संदिग्ध गतिविधियों को लेकर दो बार चेतावनी भेजी थी, लेकिन उसने उन्हें नजरअंदाज कर दिया। बाद में प्लेटफॉर्म ने उसका अकाउंट ब्लॉक कर दिया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब कोटा साइबर सेल ने खरीदार बनकर आरोपी से संपर्क किया। पुलिस टीम ने उस पर भरोसा जताते हुए उसके खाते में पैसे भी ट्रांसफर किए और समानांतर रूप से उसकी लोकेशन तथा अन्य जानकारियां जुटाईं। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद इंदौर पुलिस को सूचना दी गई, जिसके आधार पर क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने 20 जून को उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी का उद्देश्य सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करना और तेजी से पैसा कमाना था।