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कांग्रेस नेता Meenakshi Natarajan ने राज्यसभा चुनाव में अपना नामांकन रद्द किए जाने के मामले को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती देने का ऐलान किया है। हैदराबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वह कानूनन तय 45 दिनों की अवधि के भीतर चुनाव याचिका दायर करेंगी और न्याय की उम्मीद में अदालत का दरवाजा खटखटाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में रिटर्निंग ऑफिसर का रवैया पक्षपातपूर्ण था और उन्हें अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।
मीनाक्षी नटराजन ने दावा किया कि उनके नामांकन पत्र में ऐसी कोई त्रुटि नहीं थी जिसके आधार पर उसे खारिज किया जा सके। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कोई वैधानिक आपराधिक मामला दर्ज नहीं था, बल्कि केवल एक निजी शिकायत के आधार पर कानूनी नोटिस जारी हुआ था। उनके अनुसार नामांकन फॉर्म में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी जहां उस नोटिस का उल्लेख किया जाना जरूरी हो। उन्होंने यह भी कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता Vivek Tankha ने नामांकन दस्तावेजों की पूरी जांच की थी और किसी प्रकार की कानूनी कमी नहीं पाई गई थी।
कांग्रेस नेता ने भाजपा पर राजनीतिक साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि अन्य उम्मीदवारों को अतिरिक्त समय दिया गया, जबकि उन्हें सीमित समय में जवाब देने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस इस मामले को लेकर निराश नहीं है और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखती है। नटराजन ने दोहराया कि वह मध्य प्रदेश की निवासी हैं और राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने का उनका पूरा अधिकार है। अब इस मामले पर सभी की नजर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में दायर होने वाली याचिका और उसके संभावित प्रभाव पर रहेगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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