Video

Advertisement


एमपी में सौर ऊर्जा क्रांति: घरों की छतों से पैदा हो रही 1000 मेगावाट बिजली
Solar Energy Revolution, MP: 1,000 MW ,  Electricity

मध्यप्रदेश में आम नागरिक, किसान और उद्योगपति तेजी से सौर ऊर्जा की ओर बढ़ रहे हैं। बीते पांच वर्षों में निजी क्षेत्र में करीब 4,515 मेगावाट क्षमता के सोलर संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिनसे लगभग 1,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो चुका है। इससे लोग केवल बिजली उपभोक्ता नहीं रहे, बल्कि ऊर्जा उत्पादक भी बनते जा रहे हैं। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी योजनाओं ने इस बदलाव को गति दी है।

राज्य में कुल बिजली उत्पादन क्षमता लगभग 26,012 मेगावाट है, जिसमें करीब 6,000 मेगावाट बिजली कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्रों से आती है। कार्बन उत्सर्जन कम करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सौर ऊर्जा को प्राथमिकता दी जा रही है। PM Surya Ghar Yojana के तहत 1.33 लाख से अधिक परिवार अपने घरों में सौर संयंत्र लगाकर दिन के समय बिजली पैदा कर रहे हैं। प्रदेश की तीनों बिजली वितरण कंपनियों के क्षेत्रों में लाखों उपभोक्ता इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।

 

सरकारी क्षेत्र ने मार्च 2026 तक 5,376 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता विकसित कर ली है, जबकि निजी क्षेत्र की क्षमता तेजी से बढ़ रही है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने 10 लाख घरों में सौर संयंत्र लगाने का लक्ष्य घोषित किया है। सस्ती बिजली, बढ़ती बिजली दरें, ई-वाहनों का विस्तार और सरकारी सब्सिडी जैसे कारणों से सौर ऊर्जा के प्रति लोगों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। यदि यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले वर्षों में निजी क्षेत्र सौर ऊर्जा उत्पादन में सरकारी क्षेत्र को भी चुनौती दे सकता है।

Priyanshi Chaturvedi 21 June 2026

Comments

Be First To Comment....

Page Views

  • Last day : 8796
  • Last 7 days : 47106
  • Last 30 days : 63782
x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.