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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने MPPSC राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए मुख्य परीक्षा पर लगी अंतरिम रोक हटा दी है। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने आयोग को परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दे दी। हालांकि, परीक्षा परिणाम और आरक्षण नियमों से जुड़े मूल कानूनी मुद्दों पर सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
MPPSC की प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम और आरक्षण से जुड़े नियमों को चुनौती देते हुए कई याचिकाएं दायर की गई थीं। इनमें वर्गवार कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं करने, आरक्षित वर्ग के मेधावी उम्मीदवारों के अनारक्षित पदों पर चयन और आयु सीमा में छूट पाने वाले अभ्यर्थियों के माइग्रेशन नियमों की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। इन याचिकाओं के चलते हाईकोर्ट ने 25 मार्च से मुख्य परीक्षा के आयोजन पर अंतरिम रोक लगा दी थी।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने अभ्यर्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मुख्य परीक्षा से रोक हटाने और शेष कानूनी मुद्दों पर अलग से सुनवाई का आग्रह किया। कोर्ट ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दे दी। इससे हजारों अभ्यर्थियों के लिए MPPSC मेंस-2025 का रास्ता साफ हो गया है, जबकि आरक्षण और चयन प्रक्रिया से जुड़े विवादों पर अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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