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छत्तीसगढ़ में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता भागीरथ वर्मा को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2019 से 2023 के बीच निविदा कार्यों के आवंटन में रिश्वत की मांग की और अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध रूप से बड़ी संपत्ति अर्जित की। इस मामले में 15 जून 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान EOW-ACB ने रायपुर, बिलासपुर और मध्यप्रदेश के उज्जैन समेत कुल आठ ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई में करोड़ों रुपये की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के संकेत मिले हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है।
भागीरथ वर्मा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 27 जून तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान निविदा प्रक्रिया, ठेकेदारों से जुड़े वित्तीय लेनदेन और कथित संपत्ति नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं। EOW-ACB ने संकेत दिए हैं कि जांच के दायरे में अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका भी लाई जा सकती है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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