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पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर कथित फूट को लेकर हलचल तेज हो गई है। पार्टी के कुछ सांसदों के अलग होने के दावों के बीच लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को 19 जून को बुलाया है, ताकि वे इस पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रख सकें। इस मामले ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
इसी बीच टीएमसी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री उदयन गुहा को कोलकाता स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आधिकारिक तौर पर गिरफ्तारी की वजह नहीं बताई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार उन पर 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद कूचबिहार में हुई हिंसा से जुड़े आरोप हैं। भाजपा सरकार बनने के बाद वे गिरफ्तार होने वाले तीसरे पूर्व टीएमसी मंत्री हैं।
टीएमसी और महाराष्ट्र की शिवसेना (यूबीटी) में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रमों पर भाजपा ने भी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेता संजय सरावगी ने कहा कि उनकी पार्टी दूसरे दलों को नहीं तोड़ती, बल्कि नेता अपनी पार्टियों की नीतियों से असंतुष्ट होकर खुद अलग होते हैं। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी और महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के कई नेता अपने नेतृत्व से नाराज हैं, जिससे दोनों राज्यों की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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