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मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार Meenakshi Natarajan का नामांकन निरस्त होने के बाद पार्टी के भीतर गहन आत्ममंथन शुरू हो गया है। कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल और राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बता रही है, वहीं पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं की भूमिका की समीक्षा शुरू कर दी है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने प्रदेशभर में भाजपा और निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन अभियान भी शुरू किया है।
सूत्रों के अनुसार, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi इस घटनाक्रम से नाराज बताए जा रहे हैं और उम्मीदवार की घोषणा से लेकर कानूनी प्रक्रिया तक की पूरी रणनीति का मूल्यांकन किया जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं Digvijaya Singh, Kamal Nath, Jitu Patwari, Umang Singhar, Harish Chaudhary और J P Dhanopia की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि संगठनात्मक समन्वय और राजनीतिक रणनीति में कमी के कारण पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा।
दिलचस्प बात यह है कि पार्टी नेतृत्व उम्मीदवार Meenakshi Natarajan की भूमिका की भी समीक्षा कर रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, उम्मीदवारी घोषित होने के बाद आवश्यक सतर्कता और कानूनी तैयारियों में कमी को भी इस पूरे घटनाक्रम का एक कारण माना जा रहा है। राज्यसभा सीट गंवाने के बाद कांग्रेस के लिए यह केवल राजनीतिक झटका नहीं, बल्कि संगठनात्मक एकजुटता और चुनावी रणनीति पर पुनर्विचार का विषय बन गया है, जिसके असर आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति पर भी पड़ सकते हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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