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कथित वायरल वीडियो विवाद को लेकर पंजाब की राजनीति में नया घमासान शुरू हो गया है। सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को 'गुरु दोखी' और 'खालसा पंथ विरोधी' करार दिया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद Charanjit Singh Channi ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि अकाल तख्त सिख समुदाय की सर्वोच्च धार्मिक और लौकिक पीठ है तथा इसके निर्णयों का सम्मान करना हर सिख का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि अकाल तख्त को चुनौती देना मुख्यमंत्री के अहंकार और घमंड को दर्शाता है।
विवाद के बीच मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने अपनी सफाई में कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो न तो असली है और न ही उसमें दिख रहा व्यक्ति उनसे मिलता-जुलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक कारणों से धार्मिक संस्थाओं का इस्तेमाल कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। मान ने कहा कि वह अकाल तख्त का सम्मान करते हैं, लेकिन वहां लिए जा रहे कुछ फैसले राजनीतिक प्रभाव से प्रेरित प्रतीत होते हैं और वह संबंधित वीडियो की सत्यता को पूरी तरह खारिज करते हैं।
वहीं, अकाल तख्त के जत्थेदार Giani Kuldeep Singh Gargaj ने दावा किया है कि विवादित वीडियो की दो फोरेंसिक लैब में जांच कराई गई, जिसमें किसी तरह की छेड़छाड़ या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार किए जाने के प्रमाण नहीं मिले। अकाल तख्त सचिवालय के अनुसार, इस मामले में मुख्यमंत्री से भी स्पष्टीकरण मांगा गया था। इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब में धार्मिक और राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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