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भोपाल में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर लगातार सामने आ रही समस्याओं के बीच खाद्य विभाग ने राजधानी को चरणबद्ध तरीके से "सिलेंडर-फ्री" बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। जिन इलाकों में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) नेटवर्क पहुंच चुका है, वहां भविष्य में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सीमित या बंद करने की योजना पर काम किया जा रहा है। शहर की 172 से अधिक कॉलोनियों में गैस पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है और हजारों घरों को पीएनजी कनेक्शन मिल चुका है।
हालांकि कई कॉलोनियों में पाइपलाइन पहुंचने के बावजूद कुछ परिवार पीएनजी कनेक्शन लेने से बच रहे हैं। रहवासियों का कहना है कि गैस रिसाव और दुर्घटनाओं की आशंका को लेकर लोगों में डर बना हुआ है। कुछ लोग सूरत जैसे हादसों का उदाहरण देते हुए सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं। वहीं कई जगह एक या दो परिवारों की असहमति के कारण पूरी इमारत या सोसायटी में कनेक्शन का काम अटका हुआ है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पीएनजी कंपनियों को केवल कनेक्शन देने के बजाय लोगों को सुरक्षा और उपयोग संबंधी जानकारी भी देनी चाहिए। उनका मानना है कि जागरूकता की कमी के कारण लोग नई व्यवस्था को अपनाने में हिचकिचा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार पीएनजी प्रणाली सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन इसके लिए सही जानकारी और भरोसा पैदा करना जरूरी है, तभी भोपाल को पूरी तरह सिलेंडर-मुक्त बनाने की योजना सफल हो सकेगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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